अग्रिम जमानत (Anticipatory bail)

 अग्रिम जमानत  (Anticipatory bail) क्या है ?? 


जब कोई व्यक्ति गिरफ्तार होने वाला हो, या, उसे ऐसी आशंका हो, की, उसे किसी झूठे केस में फसा कर गिरफ्तार करवाया जा सकता है तो ऐसे में जेल जाने से बचने के लिए वह कोर्ट से पहले ही जमानत लेता है | कोर्ट, पुलिस को आदेश देती है की, इस व्यक्ति को गिरफ्तार नही किया जाये, कोर्ट द्वारा जमानत का ये आदेश अग्रिम जमानत  Anticipatory bail कहलाता है,


1. FIR होने से पहले :-

अगर किसी व्यक्ति, को ये लगे की उस पर कोई झुटा केस बनवा सकता है या फिर कोई ऐसा करने का प्लान बना रहा है, या फिर, ऐसे हालत हो गए है की उस के खिलाफ कभी भी FIR हो सकती हो, वो व्यक्ति कोर्ट में अपनी अग्रिम जमानत  Anticipatory bail के लिए आवेदन कर सकता है | इसमें कोर्ट पुलिस को ये आदेश देती है की, अगर कोई FIR उस व्यक्ति / आवेदन कर्ता के खिलाफ करती है तो FIR करने के बाद, पुलिस उसको 7 दिन (या जितने दिन कोर्ट चाहे)  पहले सूचित करेगी और FIR की कॉपी देगी ताकि वह व्यक्ति अपनी बैल/जमानत का इंतजाम कर ले |


2. FIR होने के बाद :-

अगर किसी व्यक्ति के खिलाफ FIR हो गई है या फिर पुलिस की जाँच में उसका नाम भी आरोपियों की लिस्ट में आ रहा है | तो, वो व्यक्ति भी, अग्रिम जमानत Anticipatory bail का आवेदन कर सकता है


अग्रिम जमानत का उदेश्य :-


अग्रिम जमानत का उदेश्य, सिर्फ किसी निर्दोष व्यक्ति को, किसी झूठे केस, आर्थिक हानी और बदनामी से बचाने के लिए है | लेकिन ये भी, सिर्फ इस शर्त पर की अगर कोर्ट को ये लगे की वो व्यक्ति निर्दोष है या फिर पुलिस जाँच सही तरीके से नही हो रही है | तो कोर्ट, उसको अग्रिम जमानत देगा |

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