*_UPSC SYLLABUS _*
☆UPSC EXAM SYLLABUS☆
❣️भाग-क प्रारम्भिक परीक्षा
💟👉प्रश्न-पत्र-I (200 अंक) अवधि : दो घंटे
राष्ट्रीय और अन्तर्राष्ट्रीय महत्व की सामयिक घटनाएं ।
भारत का इतिहास और भारतीय राष्ट्रीय आन्दोलन ।
भारत एवं विश्व भूगोल - भारत एवं विश्व का प्राकेतिक,
सामाजिक, आर्थिक भूगोल ।
भारतीय राज्यतन्त्र और शासन - संविधन, राजनैतिक प्रणाली,
पंचायती राज, लोक नीति, अधिकारों संबंधी मुद्दे, आदि ।
आर्थिक और सामाजिक विकास - सतत् विकास, गरीबी,
समावेशन, जनसांख्यिकी, सामाजिक क्षेत्रा में की गई पहल आदि ।
पर्यावरणीय पारिस्थितिकी जैव विविधता और मौसम परिवर्तन
संबंधी सामान्य मुद्दे, जिनके लिए विषयगत विशेषज्ञता आवश्यक नहीं है ।
सामान्य विज्ञान ।
💟👉प्रश्न-पत्र-II (200 अंक) अवधि : दो घंटे
बोधगम्यता
संचार कौशल सहित अंतर-वैयक्तिक कौशल
तार्किक कौशल एवं विश्लेषणात्मक क्षमता
निर्णय लेना और समस्या समाधन
सामान्य मानसिक योग्यता
आधरभूत संख्यनन ;संख्याएं और उनके सबंध्, विस्तार-क्रम आदि ;दसवीं कक्षा का स्तर, आंकड़ों का निर्वचन ;चार्ट, ग्राफ तालिका, आंकड़ों की पर्याप्तता आदि-दसवीं कक्षा का स्तर
टिप्पणी: 1:सिविल सेवा ;प्रारंभिक परीक्षा का सामान्य अध्ययन प्रश्न-पत्र-I अर्हक प्रश्न पत्र होगा जिसके लिए न्यूनतम 33ः अर्हक अंक निर्धरित किए गए हैं ।
टिप्पणी: 2 प्रश्न बहुविकल्पीय, वस्तुनिष्ठ प्रकार के होंगे ।
टिप्पणी: 3 मूल्यांकन के प्रयोजन से उम्मीदवार के लिए यह अनिवार्य है कि वह सिविल सेवा ;प्रारंभिक परीक्षा के दोनों पेपरों में सम्मिलित हो, यदि कोई उम्मीदवार सिविल सेवा ;प्रारंभिक परीक्षा के दोनों पेपरों में सम्मिलित नहीं होता है तब उसे अयोग्य ठहराया जाएगा ।
❣️भाग-ख प्रधान परीक्षा
प्रधान परीक्षा का उद्देश्य उम्मीदवारों के समग्र बौध्दिक गुणों तथा उनके गहन ज्ञान का आकलन करना है, मात्रा उनकी सूचना के भंडार तथा स्मरण शक्ति का आकलन करना नहीं ।
सामान्य अध्ययन के प्रश्न-पत्रों (प्रश्न-पत्र-I से प्रश्न-पत्र-V) के प्रश्नों का स्वरूप तथा इनका स्तर ऐसा होगा कि कोई भी सुशिक्षित व्यक्ति बिना किसी विशेष अध्ययन के इनका उत्तर दे सके । प्रश्न ऐसे होंगे जिनसे विविध् विषयों पर उम्मीदवार की सामान्य जानकारी का
परीक्षण किया जा सके और जो सिविल सेवा में कैरियर से संबंधित होंगे । प्रश्न इस प्रकार के होंगे जो सभी प्रासंगिक विषयों के बारे में उम्मीदवार की आधरभूत समझ तथा परस्पर-विरोधी सामाजिक-आर्थिक लक्ष्यों, उद्देश्यों और मांगों का विश्लेषण तथा इन पर दृष्टिकोण अपनाने की क्षमता का परीक्षण करें । उम्मीदवार संगत, सार्थक तथा सारगर्भित उत्तर दें ।
परीक्षा के लिए वैकल्पिक विषय के प्रश्न-पत्रों (प्रश्न-पत्र-I से प्रश्न-पत्र-V) के पाठ्यक्रम का स्तर मुख्य रूप से आॅनर्स डिग्री स्तर अर्थात् स्नातक डिग्री से उफपर और स्नातकोत्तर ;मास्टर्स डिग्री से निम्नतर स्तर का है । इंजीनियरी, चिकित्सा विज्ञान और विधि के मामले में प्रश्न-पत्र का स्तर स्नातक की डिग्री के स्तर का है ।
सिविल सेवा ,प्रधान परीक्षा की योजना में सम्मिलित प्रश्न-पत्रों का पाठ्यक्रम निम्नानुसार है:
भारतीय भाषाओं और अंग्रेजी पर अर्हक प्रश्न पत्र
इस प्रश्न पत्र का उद्देश्य अंग्रेजी तथा संबंधित भारतीय भाषा में अपने विचारों को स्पष्ट तथा सही रूप से प्रकट करना तथा गंभीर तर्कपूर्ण गद्य को पढ़ने और समझने में उम्मीदवार की योग्यता की परीक्षा करना है:
प्रश्न पत्रों का स्वरूप आमतौर पर निम्न प्रकार का होगा:
(i) दिए गए गद्यांशों को समझना
(ii) संक्षेपण
(iii) शब्द प्रयोग तथा शब्द भंडार
(iv) लघु निबंध
भारतीय भाषाएं:
(i) दिए गए गद्यांशों को समझना
(ii) संक्षेपण
(iii) शब्द प्रयोग तथा शब्द भंडार
(iv) लघु निबंध्
(v) अंग्रेजी से भारतीय भाषा तथा भारतीय भाषा से अंग्रेजी में अनुवाद
टिप्पणी 1: भारतीय भाषाओं और अंग्रेजी के प्रश्न पत्र मैट्रिवुफलेशन या समकक्ष स्तर के होंगे जिनमें केवल अर्हता प्राप्त करनी है । इन प्रश्न पत्रों में प्राप्तांक योग्यता क्रम के निर्धरण में नहीं गिने जाएंगे ।
टिप्पणी 2: अंग्रेजी और भारतीय भाषाओं के प्रश्न पत्रों के उत्तर उम्मीदवारों को अंग्रेजी तथा संबंधित भारतीय भाषा में देने होंगे । अनुवाद को छोड़कर।
❣️प्रश्न-पत्र-I
निबंध उम्मीदवार को एक विनिर्दिष्ट विषय पर निबंध् लिखना होगा । विषयों के विकल्प दिए जाएंगे । उनसे आशा की जाती है कि अपने विचारों को निबंध् के विषय के निकट रखते हुए क्रम में करें तथा संक्षेप में लिखें । प्रभावशाली एवं सटीक अभिव्यक्तियों के लिए
श्रेय दिया जाएगा ।हटा दिया गया है ।
❣️प्रश्न-पत्र-II
सामान्य अध्ययन-I: भारतीय विरासत और संस्केति, विश्व का इतिहास एवं भूगोल और समाज
भारतीय संस्कृति में प्राचीन काल से आधुनिक काल तक के कला के रूप, साहित्य और वास्तुकला के मुख्य पहलू शामिल होंगे ।
18वीं सदी के लगभग मध्य से लेकर वर्तमान समय तक का आधुनिक भारतीय इतिहास के महत्वपूर्ण घटनाएं, व्यक्तित्व, विषय ।
स्वतंत्रता संग्राम के इसके विभिन्न चरण और देश के विभिन्न भागों से इसमें अपना योगदान देने वाले महत्वपूर्ण व्यक्ति/उनका योगदान ।
स्वतंत्रता के पश्चात् देश के अंदर एकीकरण और पुनर्गठन ।
विश्व के इतिहास में 18वीं सदी की घटनाएं यथा औद्योगिक क्रांति, विश्व युद्ध, राष्ट्रीय सीमाओं का पुनः सीमांकन, उपनिवेशवाद, उपनिवेशवाद की समाप्ति, राजनीतिक दर्शन शास्त्रा जैसे साम्यवाद, पूंजीवाद, समाजवाद आदि शामिल होंगे, उनके रूप और समाज पर उनका प्रभाव ।
भारतीय समाज की मुख्य विशेषताएं, भारत की विविधता ।
महिलाओं की भूमिका और महिला संगठन, जनसंख्या एवं संबंधी मुद्दे, गरीबी और विकासात्मक विषय, शहरीकरण, उनकी समस्याएं और उनके रक्षोपाय ।
भारतीय समाज पर भूमंडलीकरण का प्रभाव ।
सामाजिक सशक्तीकरण, सम्प्रदायवाद, क्षेत्रवाद और धर्म-निरपेक्षता ।
विश्व के भौतिक-भूगोल की मुख्य विशेषताएं ।
विश्वभर के मुख्य प्राकेतिक संसाधनों का वितरण ;दक्षिण एशिया और भारतीय उपमहाद्वीप को शामिल करते हुए विश्व ;भारत सहित के विभिन्न भागों में प्राथमिक, द्वितीयक और तृतीयक क्षेत्रा के उद्योगों को स्थापित करने के लिए जिम्मेदार कारक ।
भूकंप, सुनामी, ज्वालामुखीय हलचल, चक्रवात आदि जैसी महत्वपूर्ण भू-भौतिकीय घटनाएं, भूगोलीय विशेषताएं और उनके स्थान के अति महत्वपूर्ण भूगोलीय विशेषताओं ;जल-स्त्रोत और हिमावरण सहित और वनस्पति एवं प्राणि-जगत में परिवर्तन और इस प्रकार के परिवर्तनों के प्रभाव ।
💟👉प्रश्न-पत्र-III
❣️सामान्य अध्ययन-II: शासन व्यवस्था, संविधन, शासन-प्रणाली,सामाजिक न्याय तथा अंतर्राष्ट्रीय संबंध
भारतीय संविधन-ऐतिहासिक आधर, विकास, विशेषताएं,संशोधन, महत्वपूर्ण प्रावधन और बुनियादी संरचना ।
संघ एवं राज्यों के कार्य तथा उत्तरदायित्व, संघीय ढांचे से संबंधित विषय एवं चुनौतियां, स्थानीय स्तर पर शक्तियों और वित्त का हस्तांतरण और उसकी चुनौतियां ।
विभिन्न घटकों के बीच शक्तियों का पृथक्करण, विवाद निवारण तंत्रा तथा संस्थान ।
भारतीय संवैधनिक योजना की अन्य देशों के साथ तुलना ।
संसद और राज्य विधयिका संरचना, कार्य, कार्य-संचालन,शक्तियां एवं विशेषाधिकार और इनसे उत्पन्न होने वाले विषय ।
कार्यपालिका और न्यायपालिका की संरचना, संगठन और कार्यक सरकार के मंत्रालय एवं विभाग, प्रभावक समूह और औपचारिक/ अनौपचारिक संघ तथा शासन प्रणाली में उनकी भूमिका ।
जन प्रतिनिधित्व अधिनियम की मुख्य विशेषताएं ।
विभिन्न संवैधनिक पदों पर नियुक्ति और विभिन्न संवैधनिक निकायों की शक्तियां, कार्य और उत्तरदायित्व ।
सांविधिक, विनियामक और विभिन्न अधर््-न्यायिक निकाय ।
सरकारी नीतियों और विभिन्न क्षेत्रों में विकास के लिए हस्तक्षेप और उनके अभिकल्पन तथा कार्यान्वयन के कारण उत्पन्न विषय ।
विकास प्रक्रिया तथा विकास उद्योग के गैर-सरकारी संगठनों, स्वयं सहायता समूहों, विभिन्न समूहों और संघों, दानकर्ताओं, लोकोपकारी संस्थाओं, संस्थागत एवं अन्य पक्षों की भूमिका ।
केन्द्र एवं राज्यों द्वारा जनसंख्या के अति संवेदनशील वर्गों के लिए कल्याणकारी योजनाएं और इन योजनाओं का कार्य- निष्पादन, इन अति संवेदनशील वर्गों की रक्षा एवं बेहतरी के लिए गठित तंत्र, विधि संस्थान एवं निकाय ।
स्वास्थ्य, शिक्षा, मानव संसाध्नों से संबंधित सामाजिक क्षेत्रा/सेवाओं के विकास और प्रबंधन से संबंधित विषय ।
गरीबी और भूख से संबंधित विषय ।
शासन व्यवस्था, पारदर्शिता और जवाबदेही के महत्वपूर्ण पक्ष, ई-गवर्नेंस के अनुप्रयोग, माॅडल, सफलताएं, सीमाएं और संभावनाएं नागरिक चार्टर, पारदर्शिता एवं जवाबदेही और संस्थागत तथा अन्य उपाय ।
लोकतंत्रा में सिविल सेवाओं की भूमिका ।
भारत एवं इसके पड़ोसी-संबंध ।
द्विपक्षीय, क्षेत्राीय और वैश्विक समूह और भारत से संबंधित और/अथवा भारत के हितों को प्रभावित करने वाले करार ।
भारत के हितों, भारतीय परिदृश्य पर विकसित तथा विकासशील देशों की नीतियाँ तथा राजनीति का प्रभाव ।
महत्वपूर्ण अंतर्राष्ट्रीय संस्थान, संस्थाएं और मंच के उनकी संरचना, अधिदेश ।
💟👉प्रश्न-पत्र -IV
❣️सामान्य अध्ययन-III: प्रौद्योगिकी, आर्थिक विकास, जैव विविधता, पर्यावरण, सुरक्षा तथा आपदा प्रबंधन
भारतीय अर्थव्यवस्था तथा योजना, संसाधनों को जुटाने, प्रगति,विकास तथा रोजगार से संबंधित विषय ।
समावेशी विकास तथा इससे उत्पन्न विषय ।
सरकारी बजट ।
मुख्य फसलें देश के विभिन्न भागों में फसलों का पैटर्न के सिंचाई के विभिन्न प्रकार एवं सिंचाई प्रणाली के कृषि उत्पाद का भंडारण, परिवहन तथा विपणन, संबंधित विषय और बाधाएं किसानों की सहायता के लिए ई-प्रौद्योगिकी ।
प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष केषि सहायता तथा न्यूनतम समर्थन मूल्य से संबंधित विषय जन वितरण प्रणाली के उद्देश्य, कार्य, सीमाएं, सुधर बपफर स्टाॅक तथा खाद्य सुरक्षा संबंधी विषय प्रौद्योगिकी मिशन पशु-पालन संबंधी अर्थशास्त्रा ।
भारत में खाद्य प्रसंस्करण एवं संबंधित उद्योग के कार्य क्षेत्र एवं महत्व, स्थान, उफपरी और नीचे की अपेक्षाएं, आपूर्ति शृंखला प्रबंधन ।
भारत में भूमि सुधर ।
उदारीकरण का अर्थव्यवस्था पर प्रभाव, औद्योगिक नीति में परिवर्तन तथा औद्योगिक विकास पर इनका प्रभाव ।
बुनियादी ढांचा: उर्जा, बंदरगाह, सड़क, विमानपत्तन, रेलवे आदि ।
निवेश माॅडल ।
विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के विकास एवं अनुप्रयोग और रोजमर्रा के जीवन पर इसका प्रभाव ।
विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी में भारतीयों की उपलब्धियां देशज रूप से प्रौद्योगिकी का विकास और नई प्रौद्योगिकी का विकास ।
सूचना प्रौद्योगिकी, अंतरिक्ष, कंम्प्यूटर, रोबोटिक्स, नैनो-टैक्नोलाॅजी, बायो-टैक्नोलाॅजी और बौद्धिक सम्पदा अधिकारों से संबंधित विषयों के संबंध में जागरफकता ।
संरक्षण, पर्यावरण प्रदूषण और क्षरण, पर्यावरण प्रभाव का आकलन ।
आपदा और आपदा प्रबंधन ।
विकास और फैलते उग्रवाद के बीच संबंध ।
आंतरिक सुरक्षा के लिए चुनौती उत्पन्न करने वाले शासन विरोधी तत्वों की भूमिका ।
संचार नेटवर्क के माध्यम से आंतरिक सुरक्षा को चुनौती, आंतरिक सुरक्षा चुनौतियों में मीडिया और सामाजिक नेटवर्क साइटों की भूमिका, साइबर सुरक्षा की बुनियादी बातें, धन शोधन और इसे रोकना ।
सीमावर्ती क्षेत्रों में सुरक्षा चुनौतियां एवं उनका प्रबंधन के संगठित अपराध् और आतंकवाद के बीच संबंध ।
विभिन्न सुरक्षा बल और संस्थाएं तथा उनके अधिदेश ।
💟👉प्रश्न-पत्र-V
❣️सामान्य अध्ययन-IV: नीतिशास्त्रा, सत्यनिष्ठा और अभिरुचि
इस प्रश्न-पत्र में ऐसे प्रश्न शामिल होंगे जो सार्वजनिक जीवन में उम्मीदवारों की सत्यनिष्ठा, ईमानदारी से संबंधित विषयों के प्रति उनकी अभिवृत्ति तथा उनके दृष्टिकोण तथा समाज से आचार-व्यवहार में विभिन्न मुद्दों तथा सामने आने वाली समस्याओं के समाधन को
लेकर उनकी मनोवृत्ति का परीक्षण करेंगे । इन आयामों का निर्धरण करने के लिए प्रश्न-पत्रों में किसी मामले के अध्ययन ;केस स्टडी का माध्यम भी चुना जा सकता है । मुख्य रूप से निम्नलिखित क्षेत्रों को कवर किया जाएगा:
नीतिशास्त्रा तथा मानवीय सह-संबंधः मानवीय क्रियाकलापों में नीतिशास्त्रा का सार तत्व, इसके निर्धरक और परिणामः नीतिशास्त्रा के आयाम निजी और सार्वजनिक संबंधें मंे नीतिशास्त्रा । मानवीय मूल्यकेमहान नेताओं, सुधरकों और प्रशासकों के जीवन तथा
उनके उपदेशों से शिक्षा मूल्य विकसित करने में परिवार, समाज, और शैक्षणिक संस्थाओं की भूमिका ।
अभिवृत्तिः सारांश ;कंटेन्ट, संरचना, वृत्तिः विचार तथा आचरण के परिप्रेक्ष्य में इसका प्रभाव एवं संबंध नैतिक और राजनीतिक अभिरुचि सामाजिक प्रभाव और धरणा ।
सिविल सेवा के लिए अभिरुचि तथा बुनियादी मूल्य, सत्यनिष्ठा, भेदभाव रहित तथा गैर-तरपफदारी, निष्पक्षता, सार्वजनिक सेवा के प्रति समर्पण भाव, कमजोर वर्गों के प्रति सहानुभूति, सहिष्णुता तथा संवेदना ।
भावनात्मक समझः अवधरणाएं तथा प्रशासन और शासन व्यवस्था में उनके उपयोग और प्रयोग ।
भारत तथा विश्व के नैतिक विचारकों तथा दार्शनिकों के योगदान ।
लोक प्रशासनों में लोक/सिविल सेवा मूल्य तथा नीतिशास्त्र स्थिति तथा समस्याएं सरकारी तथा निजी संस्थानों में नैतिक चिंताएं तथा दुविधाएं नैतिक मार्गदर्शन के स्रोतों के रूप में विधि, नियम, विनियमन तथा अंतर्रात्मा शासन व्यवस्था में
नीतिपरक तथा नैतिक मूल्यों का सुदृढ़ीकरण अंतर्राष्ट्रीय संबंधें तथा निधि व्यवस्था में नैतिक मुद्दे कारपोरेट शासन व्यवस्था ।
शासन व्यवस्था में ईमानदारी: लोक सेवा की अवधरणा शासन व्यवस्था और ईमानदारी का दार्शनिक आधार, सरकार में सूचना का आदान-प्रदान और पारदर्शिता, सूचना का अधिकार, नीतिपरक आचार संहिता, आचरण संहिता, नागरिक घोषणा पत्र, कार्य संस्केति, सेवा प्रदान करने की गुणवत्ता, लोक निधि का उपयोग, भ्रष्टाचार की चुनौतियां ।
उपर्युक्त विषयों पर मामला संबंधी अध्ययन ;केस स्टडी।
💟👉प्रश्न-पत्र-VI तथा प्रश्न-पत्र-VIII
वैकल्पिक विषय प्रश्न-पत्र-I एवं II उम्मीदवार पैरा 2 में दी गई वैकल्पिक विषयों की सूची में से किसी भी वैकल्पिक विषय का चयन कर सकते हैं ।
UPSC के लिए सीख:
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1. The Hindu और इंडियन एक्स्प्रेस पढ़ना अनिवार्य है।
2. केवल इतिहास, भूगोल, राजव्यवस्था की दम पर पेपर नहीं निकलेगा।
3. किसी भी विषय को इग्नोर करना असफलता को बढ़ावा देना होगा।
4. यूट्यूब पर पढ़ाये जाने वाले The Hindu Analysis काम में नहीं आयेंगे।
5. The Hindu में आने वाले हर टॉपिक की सैद्धांतिक और व्यवहारिक जानकारी के लिए रिसर्च करके नोट्स बनाना अनिवार्य होगा।
6. NCERT से भले ही इस बार कम प्रश्न हैं, परंतु बेसिक के लिए वही पढ़ना होगा।
7. ज्यादा से ज्यादा टेस्ट सीरीज का अभ्यास करना होगा। कम से कम 15-20 हजार प्रश्नों का।
8. कोचिंग के नोट्स का प्रयोग जानकारी जुटाने के लिए किया जा सकता है पर आधार NCERT ही रखना होगा।
9. अंग्रेजी की समझ अनिवार्य है।
Important Study Material
*आईएएस/पीसीएस के लिए में सफलता के लिए Important किताबें पढ़नी चाहिए*
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*सफलता पाने के जरूरी नहीं कि एक विषय कि दस किताबों को पढ़ा जाये सफलता पाने के जरूरी है कि एक अच्छी किताब को ही दस बार पढ़ा जाए*
➡➡➡आईएएस के पिछले वर्षों के प्रश्नपत्रों को देखते हुए परीक्षा की तैयारी के लिए पूरा स्टडी पैकेज बनाया है वह आप सब के समक्ष प्रस्तुत है ....
प्रारंभिक परीक्षा के लिए विशेष -------
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A . *राजव्यवस्था -- एम लक्ष्मीकांत*
B . *भूगोल -- महेश वर्णवाल ( cosmas पब्लिकेशन्स )*
C . *अर्थव्यवस्था -- लाल एंड लाल और प्रतियोगिता दर्पण का अतिरिक्तांक अर्थव्यवस्था विशेष*
D . *भारत का स्वाधीनता संग्राम -- बिपिन चन्द्र*
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मुख्य और प्रारंभिक परीक्षा दोनों के लिए -------
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1 . *भूगोल*
भूगोल by महेश बरनवाल ( cosmas Publications )*
अ. *भौतिक भूगोल - सविंदर सिंह ( Mains )*
ब. *मानव व् आधुनिक भूगोल - माजिद हुसैन या डॉ. खुल्लर ( mains )*
स. *10th , 11th और 12th की एन सी आर टी ( प्रारंभिक परीक्षा*
डी. *ऑक्सफोर्ड का एटलस (प्रारंभिक परीक्षा )*
2 . *इतिहास*
अ . *प्राचीन इतिहास - झा श्रीमाली*
ब. *आधुनिक भारत का इतिहास - बिपिन चन्द्रा या sk पाण्डेय*
स. *विश्व का इतिहास - जैन और माथुर या k . सिद्धार्थ*
डी. *आठ से बारह तक की एन सी इ आर टी*
इ. *आजादी के बाद का भारत -- रामचन्द्र गुहा*
3 . *भारतीय राजव्यवस्था*
अ . *भारतीय राजव्यवस्था -एम लक्ष्मीकांत ( मक्ग्रॉ एंड हिल )*
ब. *अंतर्राष्ट्रीय सम्बन्ध - बी. एल. फाडिया*
स. *राष्ट्रीय समाचार पत्रों के सम्पादकीय पृष्ठ*
4 . *समाजशास्त्र*
अ. *रमेश सिंह*
ब. *मैक्ग्रा एंड हिल*
5 . *अर्थव्यवस्था*
1. *NCERT*
2. *Economic dictionary*
3. *लाल एंड लाल*
6 . *लोक प्रशासन*
अ. *लक्ष्मीकांत*
ब. *बी. आर. स्ट्रिंग*
स. *महेश्वरी एंड महेश्वरी*
स. *मोहित भट्टाचार्य*
7 . *विज्ञान और तकनीकी*
अ. *8th,9th,10th की पुस्तक और एक मासिक पत्रिका-विज्ञान प्रगति*
8 . *अन्य*
अ. *मासिक पत्रिकाएं जैसे क्रॉनिकल या CST या कोई अन्य*
ब. *मॉडल पेपर्स*
स. *ईयर बुक*
द. *prsindia .org*
इ. *pib .nic .इन*
9. *समाचार पत्र*
अ. *द हिन्दू ( अंग्रेजी )*
ब. *टाइम्स ऑफ़ इंडिया ( अंग्रेजी )*
स . *दैनिक जागरण राष्ट्रीय संस्करण ( हिंदी )*नीतीश यादव *
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