हिमालय

 *हिमालय की उत्पत्ति👇🏻


*हिमालय की संरचना लगभग 4.5 करोड़ वर्ष पहले हुई थी और निश्चय ही यह प्रकृति की एक अनूठी रचना है जिसके कारण मानव तथा असंख्य जीव-जन्तु तथा वनस्पतियों को जीवनयापन का अवसर मिला। भारत तथा यूरेशिया नामक दो विशाल भूभागों के टकराने से हिमालय का जन्म हुआ। इन दो विशाल भूभागों के टकराने के बाद यह भूभाग अनियंत्रित हो गए और वापस पुरानी तथा स्थिति में आना असंभव पाकर ऊपर को उठते चले गए और इस प्रक्रिया ने हिमालय को जन्म दिया।*


*लगभग 8 करोड़ वर्ष पहले भारत एशिया महाद्वीप से 6,400 किलोमीटर की दूरी पर दक्षिण में स्थित था तथा धीरे-धीरे (100 वर्ष में 9 मीटर की दर से) उत्तर की ओर खिसक रहा था। जब भारत एशिया से टकराया तो उसका उत्तर की ओर खिसकना लगभग आधा रह गया और साथ ही विवर्तनिक प्लेटों की गति भी मंद हो गई। फलस्वरुप टकराव ने ऊंचाई प्राप्त कर ली जो हिमालय की ऊंची उठती पर्वत श्रृंखलाओं का कारण बना।*


*भूगर्भशास्त्र के अनुसार हिमालय का जन्म बहुत पुराना नहीं है। निश्चय ही यह बहुत तीव्रता से हुआ है। 5 करोड़ वर्षों में माउंट एवरेस्ट जैसी चोटियां 9 किलोमीटर से भी ज्यादा की ऊंचाई तक उठ र्गइं। श्रृंखलाएं ऊंची हैं क्योंकि अभी वे बहुत पुरानी नहीं हुई हैं। भूक्षरण/मृदा अपरदन अथवा भूस्खलन जैसी प्रक्रियाएं नहीं के बराबर हुईं जो पर्वतों की ऊंचाई को कम कर सकती थीं।*


*भारत निरंतर एशियन महाद्वीप पर दबाव डालता रहता है और परिणामस्वरुप हिमालय की ऊंचाई भी बढ़ती रहती है (1 वर्ष में 1 सेंटीमीटर की दर से) जो अनुमान के अनुसार 10 लाख वर्षों में 10 किलोमीटर हुई। यह निरन्तर दबाव की प्रक्रिया धरती के अन्दर भी उथल-पुथल करती रहती है जो भूकम्प के रूप में यदा-कदा हो जाती है। संसार के अनेक विनाशकारी भूकम्पों की उत्पत्ति भारत तथा यूरेशियन महाद्वीप के 5 करोड़ वर्ष पहले टकराव के कारण हुई समझी जाती है।*


 *हिमालय की श्रृंखलाएं*


*हिमालय पर्वत श्रृंखलाओं में सैकड़ों पहाड़ और सुरम्य घाटियां और भयानक जंगल हैं। प्राचीनकाल में हिमालय देवताओं के रहने का स्थान था। हिमालयवर्ती राज्य में सियाचिन, जम्मू, कश्मीर और लद्दाख, उत्तराखंड, उत्तरांचल, सिक्किम, तिब्बत, अरुणाचल, नेपाल, भूटान आदि हैं। उत्तराखंड से लगे हिमालय के एक क्षेत्र विशेष में देव आत्माओं का निवास है*


 


*सबसे नया पहाड़ :- अनेक ऋषि-मुनियों की तपस्थली हिमालय का अर्थ है- बर्फ का घर। वैसे हिमालय दुनिया के सबसे बड़े पर्वतों में से एक है, लेकिन इसे सबसे नया पर्वत कहा जाता है।*


*विश्‍व के 15 सबसे बड़े पहाड़ हिमालय में ही हैं। 2,400 किमी में फैली हिमालय की पहाड़ियां केवल भारत में ही नहीं हैं, बल्कि ये भारत, चीन, भूटान, अफगानिस्तान*


*पाकिस्तान और ताजिकिस्तान में भी हैं। नेपाल में हिमालय को 'सागरमाथा' के नाम से जाना जाता है।*


*हिमालय के अन्य पहाड़*

 

*K 2 : इसकी ऊंचाई 8,611 मीटर है। यह एशिया महाद्वीप में है और हिमालय का हिस्सा है। यह पाकिस्तान और चीन में मौजूद है।*

 

*कंचनजंगा : इसकी ऊंचाई 8,586 मीटर है। एशिया में स्थित यह पर्वत हिमालय का भाग है। यह नेपाल और भारत की सीमा पर है।*

 

 

*लहोत्से : इसकी ऊंचाई 8,516 मीटर है। यह पर्वत एशिया में मौजूद हिमालय का हिस्सा है तथा नेपाल और चीन में स्थित है।*

 

*मकालू : यह पर्वत 8,463 मीटर ऊंचा है। एशिया में स्थित मकालू हिमालय का भाग है और नेपाल-चीन में स्थित है।*

 

 *चो ओयू : इस पर्वत की ऊंचाई 8,201 मीटर है। यह भी हिमालय श्रेणी का हिस्सा है और एशिया में स्थित है।*


 

*हिमालय की नदियां*


*हिमालय पर बहुत से पेड़-पौधे भी हैं जिनमें से बहुत से पौधों का हम इस्तेमाल भी करते हैं। हिमालय पर्वत में से उद्गम पाने वाली नदियां- गंगा, सरस्वती, चंद्रभागा, (चिनाब), यमुना, शुतुद्री (सतलुज), वितस्ता (झेलम), इरावती (रावी), कुहू (काबुल), गोमती, धूतपापा (शारदा), बाहुदा (राप्ती), दृषद्वती (चितंग), विपाशा (बियास), देविका (दीग), सरयू (घाघरा), रंक्षू (रामगंगा), गंडकी (गंडक), कौशिकी (कोसी), त्रित्या और लोहित्या (ब्रह्मपुत्र)।*


 


*माउंट एवरेस्ट : हिमालय में ही विश्‍व की सबसे ऊंची चोटी गौरीशंकर (माउंट एवरेस्ट) है। एवरेस्ट एशिया महाद्वीप में है और हिमालय का हिस्सा है। यह नेपाल और चीन की सीमा पर मौजूद है। यह पहाड़ 8,848 मीटर ऊंचा है।*


*हिमालय के प्रांगण में बद्रीनाथ, केदारनाथ, मानसरोवर आदि अनेक तीर्थ तथा शिमला, मसूरी, दार्जीलिंग आदि नगर हैं। यह बहुमूल्य रत्नों एवं औषधियों का प्रदाता हैं। गौरीशंकर, कंचनजंगा, एवरेस्ट, धौलागिरि, गोसाई स्थान, अन्नपूर्णा आदि उसकी विशिष्ट चोटियां विश्व की सर्वश्रेष्ठ चोटियों में से एक हैं।*

Comments

Popular posts from this blog

आधुनिक आवर्त सारणी

विश्व के महाद्वीप और महासागर

विश्व के प्रमुख भौगोलिक उपनाम