Important days
अंतर्राष्ट्रीय भ्रष्टाचार विरोध दिवस
थीम 2020:
‘यूनाइटेड अगेंस्ट करप्शन'
उद्देश्य:
• भ्रष्टाचार जैसी जटिल सामाजिक,राजनीतिक और आर्थिक घटना के खिलाफ लोगों को उठ खड़ें होने के लिए जागरूक करना क्योंकि,यह चुनावी प्रक्रियाओं को विकृत कर,कानूनी शासन को बिगाड़ते हुए नौकरशाही को प्रोत्साहित करता है। और लोकतांत्रिक संस्थानों की नींव कमज़ोर करता है।
घोषित:
• 31 अक्टूबर 2003 को, संयुक्त राष्ट्र महासभा ने भ्रष्टाचार के खिलाफ ‘संयुक्त राष्ट्र कन्वेंशन’ (सम्मलेन) को अपनाया, जिसे 9 दिसंबर 2005 को लागू करते हुए भ्रष्टाचार विरोधी दिवस के रूप में नामित किया गया।
महत्व:
• संयुक्त राष्ट्र के आँकड़ों की माने तो हर साल 1 ट्रिलियन डॉलर का भुगतान रिश्वत के रूप में यहाँ – वहां होता है, जबकि अनुमानित USD 2.6 ट्रिलियन यूएस डॉलर प्रतिवर्ष भ्रष्टाचार के माध्यम से चुराया या छिपा लिया जाता है, जो कि वैश्विक जीडीपी के 5 प्रतिशत से भी ज्यादा है।
• वहीँ विकासशील देशों में भ्रष्टाचार के लिए उपयोग की जाने वाली धनराशि अनुमानित उनके आधिकारिक विकास सहायता की 10 गुना राशि के बराबर है।
भ्रष्टाचार विरोधी राज्यों का समूह (GRECO):
• संगठन की भ्रष्टाचार विरोधी मानकों के अनुपालन की निगरानी हेतु यूरोपीय परिषद् द्वारा वर्ष 1999 में स्थापित।
• इस संगठन का उद्देश्य आपसी मूल्यांकन और सहकर्मी दबाव की एक गतिशील प्रक्रिया के माध्यम से यूरोप विरोधी भ्रष्टाचार मानकों की परिषद् के अनुपालन की निगरानी कर भ्रष्टाचार विरोधी अपने सदस्य देशों की क्षमता में सुधार करता हैं।
• भ्रष्टाचार को रोकने व उसका पता लगाने हेतु आवश्यक अभ्यास अपने सदस्य देशों के बीच साझा करने के लिए एक मंच प्रदान करता है।
• संस्थागत और व्यावहारिक सुधारों को बढ़ावा देने के साथ ही भ्रष्टाचार विरोधी नीतियों में कमियों को पहचानने में मदद करता है।
GRECO में सदस्यता:
• इस संगठन की सदस्यता एक सरल प्रक्रियात्मक समझौता है।
• यह संगठन काउंसिल ऑफ यूरोप के सदस्य राज्यों तक ही सीमित नहीं है।
• भ्रष्टाचार की रोकथाम और बचाव में अंतर्राष्ट्रीय सहयोग और तकनीकी सहायता को बढ़ावा देता है।
• यूरोपीय परिषद महासचिव को सूचित करके आवश्यक दस्तावेजी खानापूर्ति निभा कर कोई देश इस ग्रुप में शामिल हो सकता है।
• वर्तमान में, GRECO में 50 सदस्य देश (48 यूरोपीय राज्य, कजाकिस्तान और संयुक्त राज्य अमेरिका) शामिल हैं।
• भ्रष्टाचार पर पार्टी या सिविल लॉ कन्वेंशनों के लिए पार्टी बन जाना इस संगठन का हिस्सा होने की राह तैयार करता है।
मुख्य बिंदु :
• सरकारी – ग़ैर सरकारी संगठन, निजी क्षेत्र एवं दुनिया भर की मीडिया और नागरिक इस अपराध के विरुद्ध एक जुट होने का संकल्प देता है।
• संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम (UNDP) और ड्रग्स एंड क्राइम (UNODC) के सहारे संयुक्त राष्ट्र कार्यालय इन प्रयासों में अग्रणी भूमिका में है।
• हमसे को भ्रष्टाचार विरोधी मुहिमों का समर्थन करवाने के साथ ही इस अपराध की रोकथाम और बचाव में अंतर्राष्ट्रीय सहयोग और तकनीकी सहायता को बढ़ावा देता है।
राष्ट्रीय ऊर्जा संरक्षण दिवस
National Energy Conservation day
प्रतिवर्ष पूरे भारत में '14 दिसम्बर' को मनाया जाता है।
भारत में 'ऊर्जा संरक्षण अधिनियम' वर्ष 2001 में 'ऊर्जा दक्षता ब्यूरो' (बीईई) द्वारा स्थापित किया गया था। ऊर्जा दक्षता ब्यूरो एक संवैधानिक निकाय है, जो भारत सरकार के अंतर्गत आता है और ऊर्जा का उपयोग कम करने के लिए नीतियों और रणनीतियों के विकास में मदद करता है। भारत में ऊर्जा संरक्षण अधिनियम का उद्देश्य पेशेवर, योग्य और ऊर्जावान प्रबंधकों के साथ ही लेखा परीक्षकों को नियुक्त करना है, जो ऊर्जा दक्षता परियोजनाओं को लागु करने और ऊर्जा, परियोजनाओं, नीति विश्लेषण, वित्त प्रबंधन में विशेषज्ञ हों।
ऊर्जा संरक्षण :-
भारत में राष्ट्रीय ऊर्जा संरक्षण दिवस लोगों को ऊर्जा के महत्त्व के साथ ही साथ बचत और ऊर्जा की बचत के माध्यम से संरक्षण बारे में जागरूक करना है। ऊर्जा संरक्षण का सही अर्थ है- "ऊर्जा के अनावश्यक उपयोग को कम करके कम ऊर्जा का उपयोग कर ऊर्जा की बचत करना।" कुशलता से ऊर्जा का उपयोग भविष्य में उपयोग के लिए इसे बचाने के लिए बहुत आवश्यक है। ऊर्जा संरक्षण की योजना की दिशा में अधिक प्रभावशाली परिणाम प्राप्त करने के लिए हर इंसान के व्यवहार में ऊर्जा संरक्षण निहित होना चाहिए। कोई भी ऊर्जा की बचत इसकी गंभीरता से देखभाल करके कर सकता है|
जीवाश्म ईंधन, कच्चे तेल, कोयला, प्राकृतिक गैस आदि दैनिक जीवन में उपयोग के लिए पर्याप्त ऊर्जा उत्पन्न करते हैं लेकिन दिनों-दिन इनकी बढ़ती मांग प्राकृतिक संसाधनों के कम होने का भय पैदा करता है। ऊर्जा संरक्षण ही केवल एक ऐसा रास्ता है, जो ऊर्जा के गैर- नवीनीकृत साधनों के स्थान पर नवीनीकृत साधनों को प्रतिस्थापित करता है।
राष्ट्रीय अल्पसंख्यक अधिकार दिवस
उद्देश्य :
• भारत में राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग द्वारा मनाया जाने वाला यह दिवस अल्पसंख्यकों से जुड़े मुद्दों एवं उनके मौलिक अधिकारों की रक्षा के बारे में लोगों को शिक्षित करने पर केंद्रित है।
राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग (NCM) :
• केंद्र सरकार द्वारा राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग अधिनियम, 1992 के तहत स्थापित।
• यह आयोग 18 दिसंबर 1992 के संयुक्त राष्ट्र घोषणापत्र का पालन करता है जिसमें कहा गया कि " प्रत्येक राज्य अपने क्षेत्रों में अल्पसंख्यकों की राष्ट्रीय या जातीय, सांस्कृतिक, धार्मिक और भाषा पहचान के अस्तित्व की रक्षा के साथ ही उनकी पहचान को बढ़ावा देते हुए प्रोत्साहित करेंगे।“
• 2006 में अल्पसंख्यक मामलों के लिए मंत्रालय का अलग से गठन किया गया।
• इस मंत्रालय के वर्तमान केंद्रीय कैबिनेट मंत्री श्री मुख्तार अब्बास नकवी है।
आयोग का कार्य :
• अल्पसंख्यक समुदायों के लाभ के लिए समग्र नीति और नियोजन, समन्वय, मूल्यांकन व नियामक ढांचे और विकास कार्यक्रम की समीक्षा करना।
भारत में अल्पसंख्यक :
• पांच धार्मिक समुदायों मुस्लिम, ईसाई, सिख, बौद्ध और पारसी को अल्पसंख्यक समुदाय के रूप में अधिसूचित किया गया है।
• 27 जनवरी 2014 की अधिसूचना के तहत जैन धर्म को भी इसी समुदाय के रूप में अधिसूचित किया गया।
• कुल आबादी का लगभग 19% हैं।
• जम्मू और कश्मीर, पंजाब, मेघालय, मिजोरम, नागालैंड और लक्षद्वीप ऐसे राज्य हैं जहाँ अधिसूचित अल्पसंख्यक बहुमत में है।
▬▬▬▬▬▬▬▬▬▬▬▬▬
Comments
Post a Comment