*CTET की तैयारी हेतु महत्वपूर्ण*
*CTET की तैयारी हेतु महत्वपूर्ण*
अगर CTET के पेपर में अच्छे अंक लाना हो तो.. शायद ये बातें आपके काम आ जाए..
सबसे पहले तो ये बात गांठ बांध लो कि..
*"बालक कभी गलत नही हो सकता,
शिक्षा व्यवस्था ही गलत है.. या आपका पढ़ाने का तरीका..
*CTET का पूरा पेपर सिर्फ दो चीजों पर टिका होता है वो है...
*सकारात्मक एवं नकारात्मक*
अब हम सबसे पहले जानेंगे कि नकारात्मक तथ्य कौन-कौन से हो सकते हैं...
*नकारात्मक तथ्य----
1. जहां याद करने व रटने की बात हो रही हो तो, दिमाग में बैठा लो कि ये नकारात्मक बिंदु है इसलिए बच्चे को इस ओर नहीं ले जाना है...
2. अगर किसी विकल्प में शिक्षार्थी के लिए दंड का समर्थन किया जा रहा हो तो, तो आपको ऐसे विकल्प का समर्थन नहीं करना है...
3. जहां अलगाव या विद्यार्थियों की योग्यता के आधार पर उनके ग्रुप बनाने की बात हो रही हो, तो आपको ये नहीं करना है...
4. जहां लड़के व लड़कियों में भेदभाव या लड़कों को लड़कियों से उच्चतम बताया जा रहा हो, या लड़कियों को लड़कों से.. तो आपको ऐसे विकल्प के साथ नहीं जाना है. लड़की व लड़का दोनों समान है एक शिक्षक की नजर में...
5. जिस विकल्प में सिलेबस को पूरा करवाने या किताबी ज्ञान पर बल दिया जा रहा हो, तो मान लो कि ये संकीर्ण विचारधारा है और आपको इसका सपोर्ट नहीं करना है...
6. जिस विकल्प में विद्यार्थियों से अनुशासन स्थापना की बात हो रही हो, उस विकल्प के साथ नहीं जाना है...
7. जिस विकल्प में व्याख्यान विधि की बात हो रही हो या विद्यार्थियों को केवल श्रोता बनाने का समर्थन हो तो उस विकल्प के साथ आपको नहीं जाना है...
8. जिस विकल्प में विद्यार्थियों को किसी चीज़ के लिए दोषी ठहराया गया हो तो आपको ऐसे विकल्प की ओर नहीं जाना है.. समझ जाओ कि ये निगेटिव बिंदु है...
9..जिस विकल्प में अंक या ग्रेड देने या केवल परीक्षा पास करने की बात कही जा रही हो तो आपको उसके साथ सहमत नहीं होना है मतलब ये कि ये नकारात्मक विकल्प है...
10. यदि किसी विकल्प में बालक को अनुतीर्ण करने की बात हो रही हो.. या.. उसी कक्षा में रोकने की बात हो रही हो तो समझ जाना कि ये गलत है.. बालक कभी फेल नहीं हो सकता है.. शिक्षा पद्धति में ही दोष है.
अब बात करते हैं सकारात्मक तथ्यों की...
*सकारात्मक तथ्य --
1. जहां विद्यार्थियों को अधिकाधिक अवसर दिए जा रहे हों...
2. जहां बहुभाषिकता पर बल दिया जा रहा हो...
3. करके सीखने को प्रोत्साहित किया जा रहा हो...
4. जहां विद्यार्थियों को कोई कार्य करने हेतु स्वतंत्रता दी जा रही हो...
5. जहां सभी विद्यार्थियों के समावेशन की बात की जा रही हो...
6. जहां कक्षा कक्षीय जीवन को वास्तविक जीवन से जोड़ा जा रहा हो...
7. जहां विद्यार्थियों में सृजनात्मकता एवं जिज्ञासा विकसित की जा रही हो...
*विशेष - कुछ शब्द भी सकारात्मक एवं नकारात्मक दोनों होते हैं...
जैस - "प्रोत्साहित" एवं "हतोत्साहित"...
CTET के पेपर में कई सारे प्रश्नों में ये दोनों शब्द कई बार देखने को मिलेंगे...
प्रोत्साहित शब्द सकारात्मक है, जबकि हतोत्साहित शब्द नकारात्मक है.. बस आपको ध्यान ये रखना है कि ये किस अर्थ में प्रयुक्त हो रहे हैं...
(जैसे - या तो सही चीज को प्रोत्साहित किया जा रहा होगा या फिर सही चीज़ को हतोत्साहित.. या
गलत बात को प्रोत्साहित किया जा रहा होगा या गलत बात को हतोत्साहित) तो किस अर्थ में प्रयोग हो रहा है इनका.. ये ध्यान रखें...
और भी कई शब्द देखने को मिलेंगे जैसे - आंशिक, पूर्ण, केवल...
केवल शब्द का प्रयोग ज़्यादातर नकारात्मक अर्थ में ही प्रयोग होता है.. इस चीज का अवश्य ध्यान रखें.. फिर भी किस परिस्थिति में प्रयोग हो रहा है.. ये ध्यान अवश्य रखें...
* ऊपर बात हो चुकी है सकारात्मक एवं नकारात्मक तथ्यों की...
पूरा पेपर इन्हीं के इर्द-गिर्द घूमेगा...
कई प्रश्न ऐसे होते हैं जिनमें ये पूछकर कन्फ्यूज किया जाता है।
कि कौनसा सही है कौनसा सही नहीं है...
या अलग तरीके से प्रश्न पूछा जाता है तो प्रश्न को ध्यान से पढ़ना है पहले कि पूछा क्या है.. ऑप्शंस पूरे पढ़ें क्योंकि कई बार गलत पूछा होता है और आपको पहला ही ऑप्शन सही लगता है और आप वहीं रूक जाते हैं.. तो इस चीज का ध्यान रखें...
*CTET में प्रेक्टिस ही काम आती है साथ ही में आपकी सकारात्मक सोच एवं आपका कॉमन सेंस...*
*ऊपर लिखी बातों का अवश्य ध्यान रखें.. क्योंकि अधिकतर पेपर इन्हीं बिंदुओं के आसपास रहेगा...*
धन्यवाद..........
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